*जिन व्यवस्थाओं से ब्राह्मणवाद को पोषण मिलता है उन्हें त्याग देना चाहिए: राम करन निर्मल*

गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रतिभाओं का सम्मान

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26 जनवरी, 2020 को पन्ना लाल रोड धोबीघाट, प्रयागराज/इलाहाबाद पर *वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन फ़ॉर धोबिस (WOrD)* की बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत संत गाडगे महाराज और वीरांगना चाकली आइलम्मा के छायाचित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
इस बैठक में उपस्थित धोबी समुदाय के तरक्की पसंद युवाओं और बुद्धिजीवियों ने समुदाय से जुड़े तमाम मुद्दों, समस्याओं और शिक्षा पर अपनी बात रखी।
इस बैठक में गणेशपुर, कौशाम्बी के रहने वाले *आकाश चौधरी को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल* जीतने पर, चरवा, कौशाम्बी के रहने वाले *रामकरन निर्मल को समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी प्रदेश अध्यक्ष* बनाए जाने पर हर्ष व्यक्त करते हुए और राक्सराई, कौशाम्बी के रहने वाले *रिंकू दिवाकर को त्रैमासिक पत्रिका रजक चेतना का प्रयागराज जिले का संवाददाता* बनाए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए मिठाई खिलाई गई और *संत गाडगे बाबा का छायाचित्र (फोटोफ्रेम) और भारतीय संविधान की एक-एक प्रति (पुस्तक)* देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपनी बात रखते हुए *रामकरन निर्मल* ने कहा कि हमें इंसानियत को बढ़ावा देना चाहिए और जिन व्यवस्थाओं से ब्राह्मणवाद को पोषण मिलता है उन्हें त्याग देना चाहिए। हर संगठन का अपना उद्देश्य होता है इसलिए यदि कोई भी संगठन सकारात्मक कार्यों की ओर उन्मुख है या कार्य करता है तो हमें उसे बढ़ावा देना चाहिए।
*विजय कनौजिया* ने कहा कि हमें इस तरह की बैठकों में सभी को बोलने के लिए प्रेरित करना किसी भी मंच पर बेबाकी से अपनी बात रखने का साहस मिलता है।
*अजय सागर* ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी स्वाभाविक क्षमता के अनुसार कार्य करना चाहिए और सभी लोगों को उसे बढ़ावा देना चाहिए। यदि कोई भी साथी सिविल सेवाओं की तैयारी करना चाहता है तो हमसे संपर्क करे हर संभव मदद की जाएगी।
*महीप भारती* ने कहा कि हमें अपने समुदाय को इतना सबल बनाना होगा कि हर क्षेत्र में लोगों की भागीदारी संभव हो सके।
*मंजीत प्रियदर्शी* ने कहा कि हमें गाडगे बाबा के बताए हुए मार्गों का अनुसरण करते हुए शिक्षा को प्रमुखता देना चाहिए और कर्मकांडों की फिजूलखर्ची से बचना चाहिए।
*धर्मेन्द्र चौधरी* ने कहा कि शिक्षित और सफल लोगों को आगे आकर समुदाय की मदद करनी चाहिए और उसके विकास का भागीदार बनना चाहिए तभी समुदाय का विकास संभव हो सकेगा। गांव चलो अभियान का काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है लोग सराहना कर रहे हैं कि जागरूकता का यह माध्यम बहुत ही अच्छा है इसे जारी रखना चाहिए।
*आचार्य विनोद भास्कर* ने कहा कि हमें अपने शहीदों की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने और युवाओं को प्रेरित करने हेतु उनके नाम से कार्यक्रमों का आयोजन करना होगा। *पंकज मानस* ने लोगों को एकत्रित करने पर जोर दिया। *ममता दिवाकर* ने कहा कि महिलाओं को भी हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए चाहे वह राजनीति हो या व्यवसाय। उनमें असीम ऊर्जा व क्षमता होती जिसका सही उपयोग ही उन्हें तरक्की व सम्मान दिलाने में मददगार साबित हो सकता है।
*राजेन्द्र कनौजिया* ने कहा कि हमारे समुदाय से बेरोजगारी दूर करने के लिए अपने व्यवसाय को प्रोफेशनल तरीके से करना होगा जिससे व्यापक तौर पर अधिक से अधिक लोगों को रोजगार दिया जा सके। हमें अपने साथ सबका विकास पर जोर देना चाहिए।
*सतीश चौधरी* ने कहा कि शिक्षा ही एक सशक्त माध्यम है जिसके जरिए हम देश के सबसे उच्च पद तक पहुंच सकते हैं इसलिए शिक्षा के हर संभव जतन करना चाहिए।
*दिलीप दिवाकर* ने कहा कि हमें जाति व्यवस्था की जकड़नों से बाहर आना पड़ेगा तभी समाज में परिवर्तन लाया जा सकता है।
*सत्येन्द्र चौधरी* ने कहा कि हम सभी को समय निकालकर समुदाय के लिए अपनी क्षमता और योग्यतानुसार कार्य करना चाहिए।
*आकाश चौधरी* ने कहा कि गांवों में भी बहुत सी प्रतिभाएं छिपी हुई हैं उन्हें पहचानने और प्रोत्साहन देने की जरूरत है जिससे उनकी ऊर्जा और क्षमता में निखार आए और वे देश और समुदाय का नाम रोशन कर सकें।
*रिंकू दिवाकर* ने कहा कि हमारे समुदाय पर केंद्रित पत्र-पत्रिकाओं की कमी है हमें इस क्षेत्र में भी कार्य करना होगा। *अभिषेक चौधरी* ने कहा कि हमें अवकाश के अवसरों पर गांव भ्रमण अभियान जारी रखना चाहिए।
*नरेन्द्र दिवाकर* ने कहा कि आज भी हमारे समुदाय के लोगों की भागीदारी कई क्षेत्रों में नहीं है जिनमें हमारे समुदाय के लोगों को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु प्रयास करना चाहिए साथ ही साथ हम सभी की यह जिम्मेदारी बनती है कि लोगों को उनकी योग्यता के अनुरूप अवसरों की पहचान कर उन्हें जनकारी उपलब्ध कराएं, जिससे वे अपना कैरियर अपनी क्षमता और योग्यता के अनुरूप चुनकर सफलता प्राप्त कर सकें। आगामी 23 फरवरी को निष्काम कर्मयोगी संत गाडगे महाराज की जयंती को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा और अपने समुदाय के महान व्यक्तित्वों के कार्यों का प्रचार-प्रसार तमाम माध्यमों से किया जाएगा जिससे लोग उनके कार्यों से प्रेरणा लेकर समुदाय और समाजोत्थान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

इस अवसर पर छोटे भाई दिलीप दिवाकर ने रामकरन निर्मल और नरेन्द्र दिवाकर को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर द्वारा लिखित पुस्तक *जातिभेद का उच्छेद* भेंट स्वरूप प्रदान कर *बुके के स्थान पर बुक* की परंपरा को प्रोत्साहित किया।
इसके अतिरिक्त राज चौधरी, गुड्डू चौधरी, सचिन, शिवकुमार चौधरी, राहुल दिवाकर, अरुण कनौजिया, मोहित चौधरी, विकास चौधरी, अनिल चौधरी, पिन्टू दिवाकर आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
बैठक में रामकरन निर्मल, विजय कनौजिया, धर्मेन्द्र चौधरी, अजय सागर, राजेन्द्र कनौजिया, आचार्य विनोद भास्कर, अजय सागर, मनजीत प्रियदर्शी, महीप भारती, दिलीप दिवाकर, सतीश चौधरी, सत्येन्द्र कुमार, अनिल कुमार, ममता दिवाकर, रिंकू दिवाकर, आकाश चौधरी, विकास चौधरी, शिव कुमार कनौजिया, गुड्डू चौधरी, राजकुमार चौधरी, नीरज चौधरी, अरुण कनौजिया, पिन्टू दिवाकर, शिव चौधरी, अभिषेक चौधरी, राहुल दिवाकर, सचिन, तेजस दिवाकर और श्रेयस दिवाकर आदि लोग उपस्थित रहे।

*नरेन्द्र दिवाकर*
मो. 9839675023

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