सम्मान और संरक्षण का हकदार गधा

विश्व गधा दिवस(8 मई) विशेष इंसानों ने अपने स्वार्थ पूर्ति हेतु बहुत से जानवरों का इस्तेमाल उनकी पीड़ा को नजरअंदाज कर करता आ रहा है, उन्हीं में से एक बेहद महत्वपूर्ण जानवर है गधा, जो दुर्लभ से दुर्लभतम परिस्थितियों में इंसानों के काम आया। आज…

धोबिया पछाड़ दांव के सृजनकर्ता अजयी धोबी*

शिक्षा और चेतना के आभाव के कारण अपने पुरखों और क्रांतिकारियों के इतिहास जान पाना या इतिहास लिखना असंभव होता है। यही कारण है कि वंचित जातियों के नायकों पर शोध जरूरी हैं। जैसे जैसे शोध होंगे वैसे वैसे ही नए तथ्य और गुमनामी के अंधेरे में खोए…

*पर्यावरण और हमारा समुदाय*

आज पर्यावरण दिवस है, इस अवसर पर कुछ लोग पेड़ लगा रहे हैं तो सरकार भी करोड़ों पेड़ लगवा रही है। हम तो पेड़ लगाकर कोशिश कर ही रहे हैं पर हमारे पुरखों ने भी पर्यावरण के अनुकूल धुलाई (रेह मिट्टी से धुलाई) की अद्भुत और अकल्पनीय तकनीक और साबुन (रेह)…

*एक उम्दा साबुन… जिसकी खोज हमारे पुरखों ने की*

*एक उम्दा साबुन... जिसकी खोज हमारे पुरखों ने की* धोबी जिस सूझबूझ से अपना काम करते थे, उनकी बौद्धिक संपदा का अधिकार वे किसी और पर जमाते ही नहीं थे। रेह जैसे उम्दा साबुन की खोज उन्होंने ही की। उनका सारा ज्ञान उन्होंने खुद ही पीढ़ी दर पीढ़ी की…

जलियांवाला_बाग_हत्याकांड में अमर शहीद दुलिया और नत्थू धोबी का योगदान🌾

साथियों 🌾आज ही के दिन अर्थात 13 अप्रैल (1919)को #जलियांवाला_बाग_हत्याकांड में अमर शहीद दुलिया और नत्थू धोबी का योगदान🌾 वर्ष 2015 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधान मंत्री जी ने कहा था- “आज हम जो आजादी की सांस ले रहे हैं, उसके पीछे लाखों…

बिजनेस भी करना होगा

मैंने अक्सर देखा व सुना है कि जब भी हमारे समुदाय के लोग कहीं मिलते हैं तो शायद ही व्यवसाय (Bussiness) या उद्योग को लेकर कोई चर्चा आपस में करते हों। कारण यह है कि अधिकतर लोग सरकारी नौकरी वाले ही होते हैं इसलिए…

*जरूरतमंद हुनरमंदों कोआर्थिक संबल मिले तो उद्योग जगत में लहराएंगे परचम

उद्योग जगत में हमारी भागीदारी न के बराबर है क्योंकि हमने उद्योग जगत की ओर अभी तक सही से ध्यान ही नहीं दिया। लेकिन वक़्त की नज़ाकत को देखते हुए अब देना होगा। इसके लिए आर्थिक रूप से सक्षम और जोखिम उठाने वाले लोगों को आगे बढ़कर आना होगा और…

*जो कभी थहुनरमंद आज जरूरतमंद बनकर रह गए हैं

सोचने वाली बात यह है कि चारों ओर फैले लॉन्ड्री एन्ड ड्राइक्लीनिंग के कारोबार में हमारी क्या भागीदारी है? कभी केवल हम्ही इस पेशे में थे और बाकी सब हमारे द्वारा धुले और रंगे हुए कपड़े पहनते थे। हां यह जरूर था कि हमारे श्रम का शोषण होता था…

हमारे समुदाय के महिलाओं की भागीदारी बिजनेस में बढ़े तो…

महिलाओं को ऐतिहासिक रूप से व्यवसाय/व्यापार के भीतर नेतृत्व की भूमिकाओं से बाहर रखा गया है। हालांकि आज पहले से स्थितियां भिन्न हैं पर बहुत बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। नाइजीरिया की स्थिति इस मामले में बेहतर है। अमेरिकन एक्सप्रेस द्वारा कमीशन की गई…

महानिर्माणकर्ता का महापरिनिर्वाण

महानिर्माणकर्ता का महापरिनिर्वाण महाराष्ट्र कि भूमि को संतों एवं समाज सुधारकों की माता कहा जाता है। 23 फरवरी, 1876 को इसी माटी में जन्मे (एक साधारण से धोबी परिवार/झिंगराजी और सखूबाई के घर में) निष्काम कर्मयोगी का 20 दिसंबर 1956 को…