रोजगार के नये आयामों की सुगमता होते हुए भी रजक समाज सदियों से चले आ रहे पुराने कार्यों को ही आमदनी…

साथियों,?? बात शिक्षा व अज्ञानता के लिए विलाप करने से परे की है, वर्तमान सन्दर्भ में लघु एवं कुटीर उद्योग लगाकर, व नवीन तकनीकी का उपयोग कर हम आप छोटी से छोटी शुरुआत कर भविष्य को संवार सकते हैं, सरकारी सहायता का रोना बंद करिए।। मैंने सशक्त…

संत गाडगेबाबा

गाडगे महाराज (२३ फेब्रुवारी १८७६ – २० डिंसेंबर १९५६). एक थोर आधुनिक मराठी संत व समाजसुधारक. त्यांचा जन्म शेणगाव (जि.  अमरावती ) येथे परीट जातीत  झाला. वडिलांचे नाव झिंगराजी व  आईचे सखूबाई. आडनाव जाणोरकार. त्यांचे मूळ नाव डेबूजी असे होते.…

गाडगे महाराज जीवनी

        डेबुजी झिंगराजि जानोरकर साधारणतः संत गाडगे महाराज और गाडगे बाबा के नाम से जाने जाते थे, वे एक समाज सुधारक और घुमक्कड भिक्षुक थे जो महाराष्ट्र में सामाजिक विकास करने हेतु साप्ताहिक उत्सव का आयोजन करते थे. उन्होंने उस समय भारतीय…

महान समाज सेवक संत गाडगे बाबा की जन्म तिथि पर विशेष

संत गाडगे बाबा उर्फ डेबूजी महाराज की आज (20 दिसंबर) पुण्य तिथि है। डेबूजी महाराज का जन्म 23 फरवरी 1876 महाराष्ट्र के अमरावती जिले के शेणगांव अंजनगांव में 23 फरवरी 1876 को एक धोबी परिवार में हुआ था। डेबुजी झिंगराजी जानोरकर को संत गाडगे…

संत गाडगे बाबा और डा. आंबेडकर

बीसवीं सदी के समाज-सुधार आन्दोलन में जिन महापुरूषों का योगदान रहा है, उन्हीं में से एक महत्वपूर्ण नाम बाबा गाडगे का है। बुद्धिजीवियों का ध्यान बाबा गाडगे के तरफ न जाने से उनका नाम ज्यादा प्रकाश में नहीं आ सका। लेकिन अब विद्वानों का ध्यान…

समाज का संघटन किस लिये?

धोबी समाज के संघटन हेतू अनेक संघटना कार्यरत है | ऐसी संघटना एवं समाज के कार्यकर्ता जो कार्य कर रहे है उसका आधार मान कर यह समाज का संघटन क्यो करना चाहिये इस विषय पर यह लेख आधारीत है |

धोबी समुदाय के गौरव श्री लंका के पूर्व राष्ट्रपति मा. रणसिंघे प्रेमदासा

रणसिंघे प्रेमदासा, श्रीलंका के राजनेता (जन्म 23 जून, 1924, कोलंबो, सीलोन – मृत्यु 1 मई, 1993, कोलंबो), थे वे राष्ट्रीय नेता के रूप में 25 से अधिक वर्षों तक रहे। नेशन स्टेट असेंबली में 1977-1988 तक रहे और बतौर प्रधानमंत्री 1978-1988 तक तथा…