रोजगार के नये आयामों की सुगमता होते हुए भी रजक समाज सदियों से चले आ रहे पुराने कार्यों को ही आमदनी का साधन बनाकर आगे बढ़ने को विवश क्यों हैं?

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साथियों,??
बात शिक्षा व अज्ञानता के लिए विलाप करने से परे की है, वर्तमान सन्दर्भ में लघु एवं कुटीर उद्योग लगाकर, व नवीन तकनीकी का उपयोग कर हम आप छोटी से छोटी शुरुआत कर भविष्य को संवार सकते हैं, सरकारी सहायता का रोना बंद करिए।।

मैंने सशक्त विचारों से सामाजिक, सहभागिता, स्वंय सहायता समूह, स्वरोजगार के समस्त पहलुओं पर गम्भीर मंत्रणा की, फिर यह पाया कि मेरे ही समाज के सम्मानित भाई अशोक कनौजिया जी नैपकिन व टिशु पेपर कारोबारी शाहजहाँपुर उ प्र , ललित जी सोया , चिप्स फैक्टरी मल्लांवा, हरदोई उ प्र , दिनेश दि हार्डवेयर पेंट, सेनीट्री, पंकज दि झाडू़ कारोबारी अहमदाबाद, नीतेश , संजीव दि व बिंदेश्वरी राज मोबाइल शॉप बस्ती , मोहन लाल किराना व्यापारी , पंकज, संजीव टैक्सी , सुनील जी लोडिंग अनलोडिंग कारोबारी इत्यादि के अद्भुत प्रयासों की तरह ही कम पूंजी लगाकर, व आपसी सहयोग से भी ऩवीन रोजगार व मंगल भविष्य के विविध रास्ते खोजे जा सकते हैं।

वक्त की नजा़कत को पहचानने की दरकार है, सरकारी नौकरियों में लगातार हो रही कटौती पर विशेष ध्यान देते हुए आप और आपके बच्चों, आगामी पीढ़ियों के जीवन को उज्ज्वल बनाने हेतु प्रयासरत रहिए।।

१ बात चक्छु खोलकर माथे पर लिखकर रोज आइने के समक्ष खड़े होकर खुद से पूछिए कि इस श्रम जनित पुस्तैनी कारोबार में आपका भविष्य कहां धुलता जा रहा है, रिंकू दिवाकर, सानू चौधरी जैसे तमाम जनों की भाँति माडर्न ड्राईक्लीनर्स बनिए ,

साल भर की शराब , जुंए के फिजूल खर्च को बचाकर नई तकनीकी मशीनों को खरीदकर स्वस्थ परिवार व आर्थिक सशक्त बनिए तथा भर्सक मेहनत वाले लपट लम्पेट कार्य को अच्छे कारोबार में परिवर्तित करके धोबी मार्ट की मार से अपने आपको बचा लीजिए वरना वो समय दूर नहीं जब जीवन के हर क्षेत्र में रजक समुदाय गर्त की ओर जाता दिखाई देगा।

जरा खुद के मन मस्तिष्क को टटोलिए कि जब आपका सम्पूर्ण परिवार पुराने धुलाई के कार्यों में लगा रहेगा तो शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार व सामाजिक सरोकार जैसे तथ्य धरे के धरे रह जाएंगे, जातिवादी अत्याचारों व शोषण से कैसे बचे रहेंगे, इसलिए दिलोदिमाग पर जोर डालकर जीवन के नये रास्ते खोजिए ।।

खैर सामाजिक उत्थान के मार्गदर्शन हेतु हमारे साथ वरिषतम गुरू कृषि वैज्ञानिक डॉ जी डी दिवाकर जी, बड़े भाई जय सिंह IIS , आशीष कनौजिया, गुरू नरेंद्र दिवाकर, अनिल मानव, आचार्य विनोद भास्कर , जगमोहन मंडोरा , शैलेंद्र सम्राट, राम सजीवन निर्मल, नरेश दिवाकर , गुरू रितेश चौधरी, बिंदेश्वरी राज, भरत दि , बसंत कनौजिया , रंजीत कुमार , इं कमल बाबू, गुरु ओ पी चौधरी, इं रवि रजक , इं राम प्रवेश , नीता राठी , सपना राजौरिया जी, किशन सिसोदिया , रामकरन निर्मल जी इत्यादि अनुभवी, कुशल व्यक्तित्व के धनी सदस्यों का सहयोग रहता है।

किसी भी राजनीतिक विचारधारा को व्यक्तिगत रखें, सामाजिक उत्थान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, और सामुदायिक का्यों में किसी नेता के योगदान, समर्थन की जरूरत नहीं है। परंतु जो भी सज्जन सामाजिक दशा व दिशा बदलने के कार्यों में लगे हैं उन्हें यथासंभव सहयोग कीजिए

आशा करता हूँ आगामी २३ फरवरी तक इन तथ्यों पर अमल करते हुए, मेरा यह संदेश आप सभी रजक समुदाय के हर व्यक्ति तक पहुँचाने का कार्य करेंगे।।
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@अनुपम अर्श
9897724232

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