सुभाषित

सुभाषित

यह क्या है?

यह एक संस्कृत सुभाषित है, जो यह कहता है की कभी भी घोडा नही, हाथी नही, शेर तो बिल्कुल ही नही, बल्की बकरी के बच्चे की ही हमेशा बली दी जाती है | एक बात जान लो की भगवान भी दुर्बल काही घात करता है|

इसका मतलब यह है की हमे आपने जीवन मे जीवन के हर आयाम मे बलवान बनने की कोशीश करनी चाहीये.  हमे ऐसे जीवन की ओर बढना चाहीये जो की बलवान, गरिमामय, सांस्कृतीक तथा वैभवसंपन्न हो| इस ध्येय्य की ओर बढते हूये हमे कठीणाईका सामना करना पड सकता है | उस समय यह सुभाषित जरूर याद रखे |

धन्यवाद |

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